HomeMost Popularधर्मांतरण समाज को खतरा, रोकना ही एक मात्र विकल्प: राजेन्द्र साकरे

धर्मांतरण समाज को खतरा, रोकना ही एक मात्र विकल्प: राजेन्द्र साकरे

धर्मांतरण समाज को खतरा, रोकना ही एक मात्र विकल्प: राजेन्द्र साकरे

डहरवाल कलार समाज की बैठक हुई आयोजित

मेधावी छात्रों, समाज के गौरव व सेवानिवृत लोगों को किया गया सम्मानित

 

बालाघाट। डहरवाल कलार समाज के द्वारा नगर के निजी लॉन में वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत कलार समाज के भगवान सहस्त्रबाहु की छात्राप्रति पर पुष्पमाला अर्पित कर पुजा अर्चना किया गया। इस अवसर पर मेधावी छात्रों, समाज के शासकिय नौकरी में चयनित युवा, शासकिय सेवा से सेवानिवृत लोग, समाज के तहसील अध्यक्षों का सम्मान सहित समाज के वार्षिक वित्तीय लेखा-जोखा, समाज में फैली कुरितियों पर चर्चा, समाज में धर्मांतरण पर चर्चा पर विषेश जोर दिया गया। यह कार्यक्रम डहरवाल कलार समाज सगठन के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र साकरे के नेतृत्व में आयोजित हुआ।

 

इस मौके पर डहरवाल कलार समाज के संगठन मंत्री शिवाजी बाविसताले, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र साकरे, सचिव दुर्गाप्रसाद बाविसताले, कोषाध्यक्ष परदेशी राठौर, रामप्रसाद गढ़पाडेे, उपाध्यक्ष रोहित डहरवाल, नरेश बिठले, सहसचिव शोभेन्द्र डहरवाल सहित अन्य सदस्यगण, प्रांतिय अध्यक्ष रामसेवक राठौर, प्रांतिय कोषाध्यक्ष विजय बाविसताले, युवा प्रकोष्ठ के संयोजक आशीष गढ़पाडे, अखिलेश मंडलेकर सहित तहसील अध्यक्षों में खैरलांजी अध्यक्ष श्रीराम सोहागपुरे, बैहर अध्यक्ष जागेश्वर ब्रम्हनोटे, बिरसा अध्यक्ष चोखेलाल पारधी, बालाघाट अध्यक्ष ज्ञानचंद भौरगढ़े, वारासिवनी अध्यक्ष शिवशंकर मंडलेकर, लालबर्रा अध्यक्ष राजू बिठले, तिरोड़ी अध्यक्ष सुशील उचबगले, परसवाड़ा अध्यक्ष जगदीश साकरे और कटंगी अध्यक्ष चंद्रप्रकाश डहरवाल, मीडिया प्रभारी पंकज डहरवाल सहित समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, पुरूष, युवावर्ग की बड़ी मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

मेधावी छात्रों को किया सम्मानित…

 

डहरवाल कलार समाज के द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मेधावी छात्रों के सम्मान के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिससे समाज के छात्रों का मनोबल बड़ सके। 10 वीं में मेधावी छात्र मोनिका बघेल ने 98प्रतिशत, आयुष साकरे ने 97 प्रतिशत, प्रीति डहरवाल ने 95 प्रतिशत समेत 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले कुछ 46 मेधावी छात्र एवं कक्षा 12 वीं से त्रिशा साकरे ने 91 प्रतिशत, श्रेया शिवने 88 प्रतिशत, हिमांशी सोनगड़े 87 प्रतिशत से समेत 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले कुछ 24 मेधावी छात्रों का प्रशस्ती पत्र एवं शिल्ड से सम्मानित किया गया।

oplus_131074

 

समाज के चयनित युवा वर्ग…

 

डहरवाल कलार समाज के विनय डहरवाल ने पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर चयनित होने पर समाज ने भव्यता से स्वागत किया गया। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को मार्गदर्शन पर उन्होने कहा कि मै यहा कुछ दिखाने नहीं आया हूं, आप भी बन सकते हैं। छात्र की कुंजी ही पुस्तक हैं और आप अपना लक्ष्य निधारित कर पढ़ाई करें सफलता अवश्य ही आपके कदमों में होंगी। छात्र चाहे तो जो बना चाहे वह बन सकते हैं, और उनकी सफलता में उनके माता-पिता का भी योगदान होना चाहिए। इस अवसर पर प्रिती डहरवाल शिक्षक, हर्ष डहरवाल एमबीबीएस, लक्ष्य बघेल वारासिवनी, कृष्णकुमार डहरवाल शिक्षक, विलाश आशापुरे माईनमेट समेत अन्य को शासकीय सेवा में चयन होने पर समाज के द्वारा विशिष्ठ पुरूस्कार से सम्मानित किया गया।

oplus_131074

 

समाज में धर्मांतरण पर उठा सवाल…

 

वर्तमान समय में समाज में धर्मांतरण का खेल जोरो से चल रहा हैं, जिसको लेकर डहरवाल कलार समाज ने कार्यक्रम के दौरान आवाज उठाते हुए इस धर्मांरतण को समाज में खतरा बताया हैं। समाज ने कहा कि गरीब, भोले भाले लोग, अंधविश्वास में विश्वास करने वाले लोगों को अपने बातों में या कहें कि मांइड वास करके धर्मांतरण कर रहें हैं, धर्मांतरण में लोग अपने परिवार, माता-पिता तक को भूल रहें हैं। सनातन धर्म को और हमारे कुल देवता को भी नहीं पुजते हैं, ऐसे में यह समाज अंधविश्वास में जाते हुए दिखाई दे रहा हैं। कलार समाज में चल रहा धर्मांरतण को लेकर सख्त हिदायत देते हुए आगे का निर्णाय लेने की बात कहीें हैं। डहरवाल कलार समाज सगठन के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र साकरे ने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बैठक कर मेधावी छात्रों, विशेष व्यक्तियों का सम्मान और समाज हर वर्ष एक विषय पर जोर देता हैं। इस वर्ष हैं समाज में धर्मांतरण को लेकर चर्चा की जानी हैं। समाज में धर्मांतरण अज्ञानता से होता हैं और अंधविश्वास में होता हैं। अब इस धर्मांतरण से कैसे बचा जा सकता हैं इसको लेकर चर्चा की जायेगी। डहरवाल कलार समाज के तिरोड़ी तहसील अध्यक्ष सुशील उचबगले ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य की सीमाओं से लगे गांवों में तथा कलार समाज के अलावा आदिवासियों तथा गरीब लोगों को अधिकतर ग्रामीण इलाकों में धर्मांतरण का खेल बहुत ही तेजी से चल रहा हैं, इस जद में हमारा कलार समाज भी जाते हुए दिखाई दे रहा हैं। हम हिंदू हैं हमारा कुल देवता हैं और हम सभी 33 कोटी देवी-देवताओं को पुजते हैं मगर जो धर्मांतरण को सगंठनों के द्वारा कराया जा रहा हैं वह बहुत गलत हैं। ये लोग समाज के गरीब, मजबूर, अंधविश्वास को मानने वालों को ही टायगेट बनाते हैं और उन्हे धर्मांतरण कर लेते हैं। हम इसे रोकने के लिए एकजुटता के साथ काम करेगें और जो लोग अज्ञानता वस दूसरे धर्म में चले गए है उन्हें वापस लाने हर संभव प्रयास करेंगे।

oplus_131074
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular