दमोह।
नगर पालिका चुनावों में बुधवार को नाम वापसी व चिन्ह आवंटित होने के बाद अब उम्मीदवार खुलकर चुनाव प्रचार में जुट गए हैं और इस बीच सियासी दल भी उम्मीदवारों से जुड़े विरोध को रोकने की और संभालने की जुगत लगाने लगी है। ऐसे में अब प्रचार के साथ नाराजगी, इस्तीफे, के साथ कार्यवाही भी लगातार देखने को मिल रही है।
नपा दमोह में 211 उम्मीदवार मैदान में
नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब जिले भर में उम्मीदवारों की संख्या स्पष्ट हो गई है नगर पालिका दमोह के समस्त 39 वार्डों में कुल 211 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं, वही हटा तथा पटेरा नगर पालिका के 15-15 वार्डो से क्रमशः 58-58, पथरिया के 15 वार्डो से 64, तेंदूखेड़ा के 15 वार्डो से 66 तथा हिंडोरिया नगरपालिका के 15 में से तीन वार्डो में निर्विरोध निर्वाचन हो जाने के बाद शेष 12 वार्डों से 41 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं।
दमोह में भाजपा के चिन्ह से होंगे 37 प्रत्याशी
मौजूदा दौर में दमोह में भाजपा की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है, और चुनावी मैदान की स्थिति साफ होने के बाद दमोह नगर पालिका के 39 वार्डों में से महज 37 वादों से ही भाजपा के उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। दरअसल वार्ड क्रमांक 1 सिविल वार्ड शोभा नगर से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन पत्र जाति प्रमाण पत्र की प्रमाणिकता के चलते पहले ही निरस्त हो गया था और वार्ड क्रमांक 31 बजरिया वार्ड नंबर 1 कसाई मंडी क्षेत्र से भाजपा द्वारा घोषित किए गए वार्ड प्रत्याशी ने नामांकन पत्र में अपने आप को निर्दलीय घोषित किए जाने के चलते बाद में भाजपा द्वारा अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद भी जिला निर्वाचन में बजरिया वार्ड क्रमांक 1 के भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द कर दिया है। अब भारतीय जनता पार्टी के 39 वार्डों में से केवल 37 वार्डों में ही उम्मीदवार रह गए हैं।
टीएसएम शुरू कर दिया चुनाव प्रचार
इसके अलावा इस चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ी मुसीबत बनकर सामने आई भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया की टीम जिन के समर्थन में प्रत्याशी टीम टीएसएम के रूप में शहर के सभी 39 वार्डों से मैदान में अपना भाग्य आजमाने के लिए उतरे हैं उनके द्वारा भी गुरुवार को शेष तीन वाडो से अपने समर्थित प्रत्याशी की घोषणा कर दी गई और साथ ही देव जटाशंकर धाम मैं पूजन अर्चन कर प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार शुरू कर दिया गया है।
सियासी दलों में नहीं थम रहे इस्तीफे
सियासी दलों द्वारा सभी वार्डों में अपना प्रत्याशी घोषित किए जाने और अंतिम दिन निकल जाने के बाद भी उनके कार्यकर्ताओं की नाराजगी खत्म नहीं हो रही है जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं व पूर्व पदाधिकारियों केसी पर बुधवार को भी जारी रहे वही कांग्रेस कार्यालय में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपने इस्तीफे पार्टी को सौंपे।
भाजपा ने इस्तीफे स्वीकार कर कर दी निष्कासन की घोषणा
मौजूदा दौर में बैकफुट पर जाती दिख रही भाजपा को संभालने के लिए भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी भी कमान संभाले हुए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष एड. प्रीतम सिंह ने पूर्व पदाधिकारियों द्वारा दिये गये इस्तीफों पर विचार करते हुये उन्हें तत्काल ही स्वीकार कर लिया गया है, साथ ही प्रदेश नेतृत्व से मिले निर्देशानुसार स्थानीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे पार्टी पदाधिकारीयों एवं कार्यकर्ता यदि पार्टी के प्रत्याशी के विरूद्व चुनाव लड़ रहे है तो उनके विरूद्व पार्टी के संविधान के अंतर्गत कार्यवाही करते हुये स्वत: ही 06 वर्ष के लिये पार्टी से निष्कासित माना जायेगा। इस संबंध में जिला मीडिया प्रभारी राघवेंद्र परिहार ने बताया की नगरीय निकाय चुनाव दलीय आधार पर होते है तथा भारतीय जनता पार्टी ने जिले के अंतर्गत छ: नगरीय निकायों में अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हुए बी-फॉर्म संबंधित निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत किये है। निष्कासित लोगों के नाम प्रदेश कार्यालय को सौप दिये गये है।
निर्दलीय प्रत्याशी ने दर्ज कराई धमकी दिए जाने की शिकायत
चुनावी रंग चढ़ते ही मनमुटाव और धमकियों शिकायतें भी सामने आने लगी है मां गंज वार्ड नंबर 1 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में तीन सिद्धार्थ मलैया समर्थित प्रत्याशी रमन खत्री ने उन्हें सोशल मीडिया पर धमकी दिए जाने की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक डीआर ते निवार सहित कोतवाली थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत को दर्ज कराई है।