बाघ के पंजे दिखने से गांव में दहशत
जान हथेली पर लेकर कर रहे किसान खेती
सुशील उचबगले की रिपोर्ट
गोरेघाट/तिरोड़ी
पठार क्षेत्र के ग्राम गोरेघाट सहित हेटी, भोंडकी, कुड़वा, खैरलांजी, अम्बेझरी आदि गांव में शेर की दहशत लगातार जारी है। पिछले चार महीनों में दो व्यक्ति तथा करीब 20 जानवरों का शिकार बाघ द्वारा किया गया है जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कल सुबह सुशील उचबगले के खेत में जब धान बोनी करने लेबर पहुंचे तो सुबह सुबह बाघ के ताजे पैरों के निशान दिखाई दिए जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि अभी अभी ही बाघ इस जगह से गया है। लेबरों ने साफ काम से इनकार कर दिए और घर जाने की बात कहने लगे मगर एक शर्त पर रुके कि अगर सारा दिन साथ रहोगे तो ही हम कार्य करेंगे। ज्ञात हो कि गोरेघाट सहित अनेकों गांव की खेती जंगलों से लगी है और इस समय खेती बोवाई का कार्य तेजी से चल रहा है लेकिन बाघ की दहशत ऐसी बनी है कि जंगल के किनारे लगे खेतों कोई जाना पसंद नहीं कर रहे है। अगर समय पर धान की रोपाई का कार्य नहीं हुआ तो किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि किसान को जीवन यापन का एक मात्र साधन खेती ही है। किसानों की सरकार से मांग है कि जंगलों के किनारे तत्काल फेंसिंग की जाए ताकि किसी जन हानि से बचा जा सके आए दिन बाघ द्वारा कभी गाय,बकरी और भैंस का शिकार कर रहा है।