“भीम कह रहे वर्षों से सुनो बात वही है”
तर्ज़ _तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है,तुम चीज़ क्या हो ये तुम्हें मालूम नहीं है…
_भीम का यही मिशन हमें मालूम सही है,जो जानता न बात वो मासूम नहीं है…
“अंकुर” ने सुनो लख टके की बात कही है,भीम कह रहें वर्षों से सुनो बात वही है।
1_बहुजन मनीषियों ने तो शोषित को जगाया, तब जाके कहीं परिवर्तन हममें हैं आया, क्यूं भूल रहें उनकी कही हर नसीहत को, क्यों फ़िर से बुला रहें तुम उस फजीहत को, तुम उस फजीहत को,
उपदेशों में तो उनके छिपे राज़ सही है,भीम कह रहें वर्षों से सुनो बात वही है..
2_मिशन जो भीम का है उसे पीछे न लाना,है पीछे जो राहों में उन्हें साथ हैं आना, बढ़ते चलेंगे साथ में हम_तुम जी सभी, कारवां रुके न यहां भीम का कभी,यहां भीम का कभी, हर बच्चा_युवा माता_बहन सबने कही है,भीम कह रहें वर्षों से सुनो बात वही है…
_भीम का सही मिशन हमें मालूम वही है,जो जानता न बात वो मासूम नहीं है,”अंकुर” ने सुनो लख टके की बात कही है,भीम कह रहे वर्षों से सुनो बात वही है।
(सृजन_१६.३.२०२६,सोम., प्रातः ८:०३_८:१५,3T सदन उजाड़बोपली)
