BR Ambedkar Jayanti: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत रत्न पूज्य बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि आज देश सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने के लिए उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब की प्रेरणा से ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में देश पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि बाबासाहेब के सिद्धांत और आदर्श हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में शक्ति और गति प्रदान कर रहे हैं। उनकी सोच और विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके समय में थी। बाबासाहेब ने जो मार्ग दिखाया वह सामाजिक समरसता और समानता की नींव पर टिका है और आज पूरा भारत उसी राह पर चल रहा है। पीएम मोदी के साथ-साथ कई अन्य बड़े नेताओं ने भी डॉ. अंबेडकर को याद किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बाबा साहेब ने भारत के संविधान के माध्यम से हमें न्याय स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व जैसे लोकतांत्रिक मूल्य दिए हैं। यह संविधान सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और प्रगति के लिए समावेशिता को उन्होंने अपना परम कर्तव्य माना।
सभी देशवासियों की ओर से भारत रत्न पूज्य बाबासाहेब को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। यह उन्हीं की प्रेरणा है कि देश आज सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने में समर्पित भाव से जुटा हुआ है। उनके सिद्धांत एवं आदर्श आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण को मजबूती और गति देने वाले हैं। pic.twitter.com/Qhshv4uK7M
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2025
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे कहा कि बाबासाहेब के विचार हमें सामाजिक बदलाव और सामाजिक न्याय के मार्ग पर डटे रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उनके विचारों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने संविधान को देश का सबसे बड़ा हथियार बताया और कहा कि हमें इसका संरक्षण करना चाहिए क्योंकि यही भारत की विविधता और लोकतंत्र की आत्मा है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर बाबा साहेब को नमन किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के शासन की स्थापना के लिए आत्मसम्मान की भावना को मज़बूत करते हुए पीडीए आंदोलन को नई ताकत देनी होगी। उन्होंने संविधान और आरक्षण को बाबासाहेब की अमूल्य धरोहर बताया। अखिलेश ने दोहराया कि जब तक संविधान सुरक्षित रहेगा तब तक हमारा सम्मान आत्मसम्मान और अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि बाबासाहेब द्वारा दिया गया संविधान ही हमारी असली संजीवनी है और वही हमारी ढाल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब संविधान और आरक्षण जैसे मुद्दे खतरे में हैं तो पीडीए यानी पिछड़े दलित और अल्पसंख्यकों की एकता ही इन मूलभूत अधिकारों को बचा सकती है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे मिलकर इस एकता को और मजबूत करें ताकि देश का भविष्य सुनहरा बन सके।
बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के पावन अवसर पर सबको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!
आइए ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के लिए अपने ‘स्वाभिमान-स्वमान’ की अनुभूति को और सुदृढ़ करके, एकजुट होकर बाबासाहेब की देन व धरोहर ‘संविधान और आरक्षण’ बचाने के पीडीए के आंदोलन को नई… pic.twitter.com/ZS7RG5baLk
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 14, 2025
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर पूरे देश में श्रद्धांजलियों का सिलसिला देखने को मिला। आम जनता से लेकर राजनेता तक सबने बाबासाहेब के विचारों और उनके द्वारा बनाए गए संविधान को नमन किया। हर किसी ने यही दोहराया कि भारत का संविधान एक अनमोल धरोहर है जिसे बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और कहा कि आज बाबासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मानी जाएगी जब हम संविधान की मूल भावना को बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि सामाजिक समता और न्याय की स्थापना ही अंबेडकर के सपनों का भारत है जिसे हम सभी को मिलकर बनाना है। कई संगठनों और संस्थाओं ने इस मौके पर युवाओं से अपील की कि वे डॉ. अंबेडकर के विचारों को पढ़ें और समझें। उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करें क्योंकि आज का युवा ही आने वाले भारत का निर्माता है। बाबासाहेब के विचार सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें बल्कि व्यवहार में उतारने की ज़रूरत है। यह दिन केवल डॉ. अंबेडकर को याद करने का नहीं बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का दिन है। यह वह अवसर है जब हम यह तय कर सकते हैं कि हम कैसा भारत बनाना चाहते हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिनाइयों के बावजूद अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।