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‘Metro In Dinon’ का अनसुल्ड फ्रंट—50 साल बाद बिछड़े प्रेमी की वापसी क्यों थी खास?

Metro In Dinon: अनुराग बसु बॉलीवुड के उन निर्देशकों में से हैं जो भावनाओं को परदे पर जिंदा कर देते हैं। अब वे एक बार फिर ‘मेट्रो इन दिनों’ के साथ लौटे हैं जो 4 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म में कई दमदार कलाकार नजर आएंगे जिनमें अनुपम खेर और नीना गुप्ता के साथ पंकज त्रिपाठी कोंकणा सेन शर्मा अली फजल फातिमा सना शेख और आदित्य रॉय कपूर जैसे नाम शामिल हैं। फिल्म का प्लॉट आज के शहरी जीवन की सच्चाइयों को दर्शाता है जहां हर उम्र के लोग प्यार पाने के लिए संघर्ष करते हैं। इस फिल्म के जरिए दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाया जाएगा जहां रिश्ते वक्त के साथ बदलते हैं लेकिन उनके निशान दिलों में जिंदा रहते हैं।

अनुपम खेर और नीना गुप्ता की दिल छूने वाली जोड़ी

फिल्म में अनुपम खेर ने ‘परिमल’ नाम का किरदार निभाया है जो रिटायर हो चुका है और कोलकाता में अपनी बहू के साथ रहता है। उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है और यह दुख उसके जीवन में एक खालीपन छोड़ गया है। इसी कहानी में नीना गुप्ता की एंट्री होती है जो कॉलेज के दिनों में परिमल की क्लासमेट हुआ करती थीं और दोनों के बीच एक खास रिश्ता था। वक्त के साथ वे अलग हो गए और अपनी अपनी जिंदगी में आगे बढ़े लेकिन जब 50 साल बाद दोनों फिर मिलते हैं तो अधूरी भावनाएं फिर से जाग उठती हैं। यह कहानी सिर्फ एक मुलाकात नहीं बल्कि अधूरे रिश्तों की गहराई को छूने वाली भावनात्मक यात्रा है।

नीना गुप्ता का सपना हुआ पूरा

नीना गुप्ता ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए एक सपना पूरा होने जैसा है। उन्होंने हमेशा चाहा था कि वे अनुराग बसु के साथ काम करें लेकिन कभी सोचा नहीं था कि उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनुराग बसु सेट पर सीन को मौके पर ही इम्प्रोवाइज करते हैं जिससे कलाकार को एक अलग अनुभव मिलता है। नीना ने यह भी कहा कि इस फिल्म में उनका किरदार बहुत संवेदनशील है और वह उन लोगों से जुड़ा है जिन्होंने अपने किसी पुराने रिश्ते को सालों बाद याद किया है। फिल्म में उनकी और अनुपम खेर की जोड़ी दर्शकों को एक अलग ही भावनात्मक सफर पर ले जाने वाली है।

अनुपम खेर की नजर में अनुराग बसु

अनुपम खेर ने निर्देशक अनुराग बसु की तारीफ करते हुए कहा कि वे आज के समय के बासु चटर्जी और ऋषिकेश मुखर्जी का मेल हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग की फिल्में आम जीवन से जुड़ी होती हैं और उनका निर्देशन बहुत ही सहज होता है। अनुपम ने यह भी बताया कि उन्होंने सालों पहले उनके साथ काम किया था और वे आज भी उतने ही भावुक और संवेदनशील निर्देशक हैं। उन्होंने कहा कि जो भी अभिनेता खुद को साबित करना चाहता है वह अनुराग बसु जैसे निर्देशक के साथ काम करना चाहता है क्योंकि वे कलाकार की भावनाओं को सही दिशा देने में माहिर हैं। अनुपम खेर ने यह भी जोड़ा कि वह ‘मेट्रो’ जैसी फिल्मों को देखकर प्रभावित हुए थे और अब इस नई फिल्म का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं।

शहरी जीवन में प्यार की तलाश

‘मेट्रो इन दिनों’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि आज के समाज की भावनाओं का आइना है। इसमें यह दिखाया गया है कि चाहे इंसान युवा हो या वृद्ध प्यार की चाह और रिश्तों की अहमियत कभी खत्म नहीं होती। फिल्म की कहानियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और हर कहानी में एक अलग दर्द एक अलग संघर्ष और एक अलग उम्मीद दिखाई गई है। यह फिल्म दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देगी कि क्या अधूरी मोहब्बत कभी पूरी हो सकती है और क्या वक्त के साथ पुरानी यादें मिट सकती हैं। यह फिल्म निश्चित ही उन लोगों के लिए है जिन्होंने कभी किसी को खोया हो और फिर अचानक किसी मोड़ पर वही चेहरा सामने आ जाए।

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