राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का 169वां बलिदान दिवस मनाया गया

तिरोड़ी। आदिवासी गोंडवाना महासभा तिरोड़ी के तत्वावधान में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का 169वां बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के जीवन, संघर्ष, साहस और बलिदान की गाथा समाज के वक्ताओं द्वारा सुनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन से जुड़े संघर्षों और तत्कालीन परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने आदिवासी समाज को एकजुट करने तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के प्रति जनजागृति फैलाने का कार्य किया।
वक्ताओं के अनुसार, वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश सरकार ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को गिरफ्तार किया। इसके बाद 18 सितंबर 1857 को उन्हें तोप के मुंह से बांधकर शहीद कर दिया गया। उनके बलिदान को आदिवासी समाज के साहस, संघर्ष और देशप्रेम की प्रेरणादायी गाथा के रूप में स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा को विशेष महत्व देते हुए समाज के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
इसी अवसर पर प्रदेश टॉपर प्रणाली पुरुषोत्तम वरकड़े को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के लिए “गोंडवाना का गौरव” की उपाधि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आदिवासी गोंडवाना महासभा के अध्यक्ष मदनलाल आड़में, पूर्व जनपद सदस्य सुश्री तुलसा सलामे सहित समाज के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के महापुरुषों के बलिदान और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा युवाओं को शिक्षा, सामाजिक एकता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।

