राहर की फसल के बीच फल-फूल रही थी गांजे की खेती, बरगी पुलिस की कार्यवाही
राहर की फसल की आड़ में उगा रहा था गांजा! बरगी पुलिस की दबिश में खुला अवैध खेती का राज, 12 पौधों से 7.2 किलो गांजा बरामद
जबलपुर बरगी। खेत में लहलहा रही राहर की फसल के बीच अवैध गांजे की खेती का खेल चल रहा था। बाहर से देखने पर खेत सामान्य नजर आता था, लेकिन फसल के बीच गांजे के पौधे भी तैयार किए जा रहे थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर बरगी पुलिस ने जब खेत में दबिश दी तो पूरा मामला उजागर हो गया। पुलिस ने मौके से 12 गांजे के पौधे उखाड़कर कुल 7 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। मामले में 50 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
मुखबिर की सूचना पर खेत में पहुंची पुलिस टीम
बरगी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सिलुआ रमनपुर निवासी सुम्मेरा गौंड अपने खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की तैयारी की और बताए गए स्थान पर दबिश दी।
मौके पर मुखबिर के बताए हुलिए का व्यक्ति मिला, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान सुम्मेरा गौंड पिता बसोरी लाल गौंड, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम सिलुआ रमनपुर के रूप में हुई।
राहर के बीच छिपे थे 12 गांजे के पौधे
खेत की तलाशी के दौरान राहर की फसल के बीच गांजे के 12 पौधे लगे मिले। इनकी लंबाई करीब ढाई से सात फीट तक बताई गई है। पुलिस ने सभी पौधों को उखड़वाकर उनका वजन कराया, जिसमें कुल 7 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी सुम्मेरा गौंड के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।
एसपी के निर्देश पर नशे के खिलाफ कार्रवाई
जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी और कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री संपत उपाध्याय के निर्देश पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-3 मनीष भारद्वाज तथा नगर पुलिस अधीक्षक बरगी अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बरगी नीलेश दोहरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में उपनिरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक आलोक सिंह, प्रधान आरक्षक प्रभूदयाल डेहरिया तथा आरक्षक मिथलेश, सुधीर और उमाशंकर डेहरिया की सराहनीय भूमिका रही।

