सर्प दंश से 8 वर्ष की बच्ची की मौत
सुशील उचबगले की रिपोर्ट
गोरेघाट तिरोड़ी
पठार क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोरेघाट के रात में सो रही बच्ची को सर्प के डसने से मौत हो गई प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रियांशी पिता संजय खुरपे उम्र 8 साल जो रात में अपने मम्मी के साथ पलंग में सो रही थी करीब रात के 3 बजे प्रियांशी ने अपने मम्मी को बताई की उल्टी जैसे लग रहा है। प्रियांशी की मम्मी पापा ने बाहर ले गए और प्रियांशी ने उल्टी की और संजय खुरपे पानी लेने किचन में गया जिसे सांप ( मंडई डान) दिखाई दिया उसी समय सांप को मार दिया गया और प्रियांशी को डॉक्टर के पास ले गए डॉक्टर ने बाहर ले जाने की सलाह दी। तुरंत प्रियांशी के घर वालों ने बिना देर किए तुमसर सरकारी अस्पताल ले गए वहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रियांशी जब सो रही थी उसी समय सांप ने डस लिया मगर नींद में रहने के कारण उसे तथा घर वालों को पता ही नहीं चला जिस वक्त किचन में सर्प दिखा उस समय घर वालों ने बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगा पाए कि सर्प ने बच्ची को डसा होगा लेकिन जब बच्ची ने दम तोड़ा तब उसके शरीर का रंग कुछ हरा सा हो गया तब ऐसा लगा कि बच्ची को उसी सर्प ने डसा होगा। चौकी महकेपार से प्रधान आरक्षक श्री शिशुपाल बघेल ने प्राथमिक जांच कर पोस्ट मार्टम के लिए कटंगी भिजवा दिया।

पठार में कही नहीं है वैक्सीन
पिछले कुछ वर्षों से प्रत्येक वर्ष सर्प डसने से मौत होती है मगर शासन प्रशासन मौन क्यों है क्या इन्हें नहीं पता कि यहां के अस्पताल में सर्प के वैक्सीन होना अनिवार्य है, आखिर क्यों नहीं ये व्यवस्था कर रही है सरकार। जबकि बारिश शुरू होने से पहले प्रत्येक अस्पताल में सर्प के वैक्सीन होना चाहिए ताकि ऐसे हादसे होने पर उन्हें बाहर जाने की जरूरत ना पड़े। पठार क्षेत्र में गोरेघाट, माहकेपार, तिरोड़ी, नांदी, आदि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और प्रत्येक गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र है मगर सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है, जबकि सरकार ढिंढोरा पीटती है कि हमने हर गांव में अस्पताल खोल दिए है मगर सुविधा है या नहीं उसके बारे में क्यों नहीं कहती है। आज अगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेघाट में सांप का वैक्सीन होता तो शायद 8 वर्ष की बच्ची प्रियांशी संजय खुरपे की मौत नहीं होती।
