*”मान्यवर साहब का दर्शन”*
******** “अंकुर” ********
शायद,मई 1996 बालाघाट सरकारी अस्पताल के मैदान में, हुए थे मुझे दर्शन मान्यवर कांशीराम के,
उस दिन संध्या 5 बजे आया था भारी आंधी_तूफान,देश में सारे ही बहुजन परिवर्तन के नाम से।
पहने थे साहब सफेद हॉफ कमीज नीला फुलपेंट,था आवाज़ में भारी जोश और गंभीरता,
समझा गए अपने ओजस्वी भाषण में मान्यवर,अम्बेडकर मिशन की सारी ही शालीनता।
ओबीसी को दिलाए केंद्र से वी.पी.सरकार में,27% हिस्सेदारी का आरक्षण,
बहुजनों के सारे दुःख दर्द दूर करने का,होता था जज़्बा उनमें हर पल हर क्षण।
थे वे सच्चे सिपाही बाबा साहब के मिशन के,यात्रा साइकिल से घर_घर मिशन समझाया,
तब जाकर भारत धरा में अंबेडकर वाद उभरा,जिससे मिशन आज़ तक ज़िन्दा रह पाया।
काश,कुछ दिन और अम्बेडकर जी और मान्यवर जी,ज़िन्दा रह पाते इस धरा पर,
होती खुशहाली “अंकुर” भारत वतन में,हर भरा होता हर गांव और हर शहर।
(सृजन_15 मार्च 2026 रवि. प्रातः 7 से 7:15,3T सदन उजाड़बोपली,मान्यवर कांशीराम जयंती पर उनको समर्पित)
