राखी की भुजली का हुआ विधिवत विसर्जन, महिलाओं ने निभाई पारंपरिक परंपरा
तिरोड़ी। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर घरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ स्थापित की गई राखी की भुजली का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। इस दौरान महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार भुजली की पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को भुजली भेंट कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। पारंपरिक गीतों और उत्साह के बीच भुजली को विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे को भुजली देकर भाई-बहन के प्रेम और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार भुजली विसर्जन की यह परंपरा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही है। हर वर्ष रक्षाबंधन के बाद श्रद्धालु श्रद्धा के साथ भुजली का विसर्जन करते हैं। इस अवसर पर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में पर्व का माहौल बना रहा।
तिरोड़ी से आशीष मंडलेकर की रिपो
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