तिरोड़ी कृषि उपज मंडी कई सालों से बंद, मंडी का कुआँ क्षतिग्रस्त – हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन
कटंगी/तिरोड़ी (बालाघाट) – तिरोड़ी कृषि उपज मंडी कई सालों से बंद पड़ी है। मंडी बंद होने के कारण पूरा परिसर खंडहर में तब्दील हो गया है और मंडी के अंदर बना कुआँ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। बिना मुंडेर और बिना सुरक्षा दीवार के खुला पड़ा यह कुआँ कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकता है, लेकिन प्रशासन मौन बना हुआ है।
मंडी की जमीन पर पक्के मकान बनाकर कब्जा
सबसे गंभीर बात यह है कि मंडी कई सालों से बंद होने का फायदा उठाकर कई लोगों ने कृषि मंडी की शासकीय जमीन पर ही पक्के मकान का निर्माण कर अपना कब्जा कर लिया है। धीरे-धीरे पूरी मंडी की जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है और शासकीय संपत्ति को निजी संपत्ति में बदला जा रहा है।
प्रशासन मौन क्यों है?
मंडी की जमीन पर खुलेआम अतिक्रमण हो रहा है, कुआँ क्षतिग्रस्त पड़ा है, युवाओं का रोजगार छिना है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। स्थानीय किसानों और युवाओं में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर शासन-प्रशासन मौन क्यों है?
ग्रामीणों ने कलेक्टर बालाघाट से मांग की है कि तिरोड़ी मंडी का तत्काल सीमांकन कराया जाए, अवैध कब्जों को हटाया जाए, क्षतिग्रस्त कुएं की मरम्मत की जाए और मंडी को पुनः चालू किया जाए।

