ग्राम गोरेघाट में किसानों पर दोहरी मार: पहले फसल में बीमारी, अब जंगली सूअरों का आतंक
सुशील उचबगले की रिपोर्ट
ग्राम गोरेघाट तिरोड़ी
पठार क्षेत्र के ग्राम गोरेघाट एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। पहले फसलों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, वहीं अब जंगली सूअरों के बढ़ते आतंक ने खेतों में खड़ी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है।
किसानों का कहना है कि लगातार फैल रही फसल बीमारियों से पहले ही उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके बाद रात के समय जंगली सूअर खेतों में घुसकर धान, गन्ना सहित अन्य खरीफ फसलों को रौंद रहे हैं और फसलें खाकर बर्बाद कर रहे हैं। कई किसानों को रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी नुकसान नहीं रुक रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगली सूअरों के झुंड रोजाना खेतों में पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों की आर्थिक चिंता बढ़ गई है। किसानों ने वन विभाग और कृषि विभाग से मांग की है कि जंगली सूअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा जिन किसानों की फसलें नुकसानग्रस्त हुई हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इस वर्ष की खरीफ फसल से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किशन कंगाली, कुलदीप जामुनपाने , सुशील उचबगले, आनंद खेड़कर, ईश्वर कंगाली सहित अनेक ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर राहत प्रदान करने की मांग की है।

