किसान गर्जना संगठन के युवा नेता इंजीनियर प्रशांत मेश्राम शासन प्रशासन पर जमकर गरजे
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बालाघाट जिले के खैरलांजी क्षेत्रके हaट बाजार में २५/९/२०२६ को किसान गर्जना संगठन समिति बालाघाट के तत्वाधान में विशाल जनांदोलन कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिसमें क्षेत्र के सैकड़ो किसानों ने अपनी उपस्थितियां दर्ज कराई ।इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अरविंद चौधरी, इंजीनियर प्रशांत मेश्राम युवा नेता, रामकुमार नागपुर,डेविड सेलोकर, जिला पंचायत सदस्य प्रकाश ऊके सहित अतिथि वक्ताओं नेकिसानों, की अपनी- समस्याओं के ऊपर विस्तृत बात रखा।युवा नेता इंजीनियर प्रशांत भाऊ ने अपने भाषण में किसानों को आवाहन करते हुए कहा की भारत देश कृषि प्रधान देश है और कृषि प्रधान देश होने के बावजूद यहां के किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है वर्तमान समय बरसातका समय हैइस मौसम में बालाघाट जिले में कटंगी क्षेत्र में सबसे कम बरसात का आकलन किया गया है उन सब के बावजूद भी किसानों के खेतों में तमाम तरह की बीमारियां माहू से लेकर अन्य बीमारियां धान मे लगी ।क्षेत्र से लगाकर बीमारी का प्रकोप देखने में आया है जिसको लेकर किसान आज अपने आप को ठगा सा और असहाय महसूस करता हैभाजपा सरकार द्वारा इस बात को कहा गया कि किसानों को धान का वाजिब दाम 3100 रुपए दिया जाएगा जिस बात को आज 3 साल हो जाने के बावजूद किसानों को बड़ी हुई राशि की बात कहने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराया गया जिसको लेकर बालाघाट के किसान ही नहीं समूचे म प्र के किसान अपनी फसलों के दाम नहीं मिलने से आज अपने आप को ठगा हुआ सा महसूस करते हैं । इसी बात को आगे बढ़ते हुए युवा नेता इंजीनियर प्रशांत मेश्राम ने किसानों को आह्वान करते हुए कहा कि जिन नेताओं के द्वारा किसानों के हित की बात कही जा रही थी उन नेताओं को आने वाले दिनों में बालाघाट की जनता सबक सिखाने का काम करेंगी। इंजीनियर प्रशांत भाऊ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अब किसानों को धान का वाजिब मूल्य 31००की बजाय 4100 करने की जरूरत है ।जिस हिसाब से कीटनाशक दवाइयां का रेट उर्वरकों का रेट आसमान को छूने जा रहा है ।गरीब मजदूर की थाली से (महंगाई ),दल चांवल तेल शक्कर सुरसा की तरह मुंह खोलकर सामने नजर आती है !इतनी पीड़ाओं के बावजूद मध्य प्रदेश की सरकार आंख बंद करके कुंभकरण नींद में सोईपड़ी है. पिछले दिनोंबालाघाट बैहर बिरसा की घटना के ऊपर प्रकाश डालते हुए नेताओं ने कहा कि आदिवासी बैगा समुदाय के बच्चे दिन पर दिन बीमार होने के बाद मौत के गाल में समा चुके लेकिन कुंभकरण नींद में चलने वाली सरकार का ध्यान आज भी गरीब मजलूम महिला बच्चे और तमाम सारे जो लोग हैं ,उन लोगों के ऊपर होने वाला जुल्म ज्यादती की तरफ सरकार का ध्यान नहीं जाता है ।
कड़े शब्दों में अपनी बात को रखते हुए अरविंद चौधरी प्रकाश ऊके ,रामकुमार वर्मा डेविड सेलोकर ,लीला रे जी तमाम सारे किसान नेताओं ने अपनी अपनी बातसैकड़ों किसानो के बीच रखी अंत में तहसीलदार खैरलांजी को ज्ञापन सोपा गया।

