जंगली जानवरों से रोज हो रही दुर्घटनाएं, पठार के घने जंगलों की सड़क पर दोनों ओर फेंसिंग लगाने की मांग
सुशील उचबगले की रिपोर्ट
गोरेघाट तिरोड़ी
पठार क्षेत्र के घने जंगलों से होकर गुजरने वाली सड़क पर जंगली जानवरों की आवाजाही के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। सड़क पार करते समय अचानक जंगली जानवर वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। वर्तमान में तिरोड़ी के पास बारहसिंगा अचानक दोपहिया वाहन के सामने आने से दुर्घटना हो गई, गोरेघाट से महकेपार के बीच तथा महकेपार से बड़पानी और बड़पानी से गोरेघाट के सड़क में रोज कोई न कोई दोपहिया वाहन से जंगली सूअर, सियार तथा बारहसिंगा, बाघ कब सामने आ जाए कुछ कह नहीं सकते जिससे गंभीर रूप से घायल हो रहे है।
मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर फेंसिंग नहीं होने के कारण जंगली जानवर आसानी से सड़क पर पहुंच जाते हैं। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई बार वाहन चालक जंगली जानवरों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने संबंधित वन विभाग एवं सड़क निर्माण विभाग से मांग की है कि पठार के घने जंगलों से गुजरने वाली सड़क के दोनों ओर मजबूत फेंसिंग लगाई जाए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर जंगली जानवरों की आवाजाही संबंधी चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं तो मानव जीवन के साथ-साथ जंगली जानवरों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

