आदिवासियों को आने जाने में हो रही परेशानी
सुशील उचबगले की रिपोर्ट
गोरेघाट तिरोड़ी
पठार क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुड़वा के ग्राम संग्रामपुर में पुरे आदिवासी समाज के लोग रहते है जिन्हें आने जाने के लिए एक ही सड़क है जो अब कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षों से वहां के लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसके साथ साथ वर्तमान में कृषि कार्य शुरू है जिसमें अधिकांश कृषक ग्राम गोरेघाट के और और गोरेघाट के कृषक और संग्रामपुर के लोग सभी को लगभग तीन किलो मीटर चलना पड़ता है। रोड जो कीचड़ में तब्दील हो चुकी है ऐसे में लोगों को पैदल चलना तक दूभर हो चुका है। ये समस्या काफी दिनों से है मगर जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे है ऊपर से ग्राम पंचायत कुड़वा के सरपंच द्वारा भस्मा मिट्ठी दाल दी गई है जिससे और ज्यादा कीचड़ हो गया है। अगर रात में या दिन में किसी की तबियत खराब हो जाए तो उस रोड से मोटर साइकिल तक नहीं चल सकती है। जनप्रतिनिधि को इन कृषक और किसानों का ध्यान रखते हुए उक्त सड़क में तात्कालिक व्यवस्था करना चाहिए जिससे उन्हें आवाजाही में परेशानियों का सामना न करना पड़े, जबकि हर चुनाव में उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि हम सड़क को सीसी सड़क या डामरीकरण करके देंगे दशक बीतने के बाद भी इस संग्रामपुर की सड़क निर्माण नहीं हो सका है।

